लीड्स
इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच तीन मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला लीड्स के हेडिंग्ले मैदान पर खेला जा रहा है. इस मुकाबले में पाकिस्तान बल्लेबाजों का प्रदर्शन पहली पारी में निराशाजनक रहा और पूरी टीम 171 रनों पर सिमट गई. सलामी बल्लेबाज अजान अवैस ने तो पाकिस्तानी फैन्स की उम्मीदों पर बिल्कुल भी खरे नहीं उतर पाए. मुकाबले की पहली ही गेंद पर ओली रॉबिन्सन ने उन्हें एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया।
ओली रॉबिन्सन ने मैच की पहली गेंद वॉबल सीम के साथ फेंकी, जो बाएं हाथ के बल्लेबाज अजान अवैस के लिए अंदर की ओर आई. अजान गेंद की लाइन को सही तरीके से पढ़ नहीं सके और गेंद सीधे उनके पैड से जा टकराई. इंग्लैंड की जोरदार अपील के बाद अंपायर क्रिस गैफनी ने उन्हें आउट करार दिया।

अजान अवैस ने अंपायर के फैसले को चुनौती देते हुए तुरंत डीआरएस लिया. रिप्ले में साफ हुआ कि गेंद उनके बल्ले से नहीं लगी थी. इसके बाद बॉल ट्रैकिंग में इम्पैक्ट से लेकर विकेट तक तीनों रेड दिखाई दिए. गेंद मिडिल स्टम्प के ऊपरी हिस्से से टकरा रही थी और तीसरे अंपायर ने क्रिस गैफनी के फैसले को बरकरार रखा।
मोहसिन खान के क्लब में एंट्री
इस तरह अजान अवैस को टेस्ट सीरीज की अपनी पहली गेंद पर ही पवेलियन लौटना पड़ा और एक अनचाही लिस्ट में शामिल हो गए. अजान पाकिस्तान के सिर्फ दूसरे ओपनर हैं, जिन्हें किसी टेस्ट की पहली गेंद पर आउट होना पड़ा. इससे पहले 1983 में मोहसिन खान भारत के खिलाफ जालंधर टेस्ट में मैच की पहली गेंद पर आउट हुए थे. यानी पाकिस्तान के किसी ओपनर के साथ 43 साल में यह घटना दोहराई गई।
अजान अवैस ने जहां शर्मनाक रिकॉर्ड बनाया, वहीं ओली रॉबिन्सन ने एक खास उपलब्धि हासिल की. वह इंग्लैंड की धरती पर आयोजित किसी टेस्ट मैच की पहली गेंद पर विकेट लेने वाले केवल चौथे इंग्लिश गेंदबाज बन गए. इस कारनामे की शुरुआत मौरिस टेट ने 1926 में की थी. उन्होंने लीड्स में ऑस्ट्रेलिया के वॉरेन बार्ड्सले को पहली गेंद पर आउट किया था।
इसके 48 साल बाद ज्योफ अर्नोल्ड ने 1974 में बर्मिंघम टेस्ट की पहली गेंद पर भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर को पवेलियन भेजा था. 2007 में रयान साइडबॉटम ने वेस्टइंडीज के डेरेन गंगा को चेस्टर-ले-स्ट्रीट टेस्ट की पहली गेंद पर आउट किया था. अब 2026 में रॉबिन्सन ने अजान अवैस को अपना शिकार बनाकर इस दुर्लभ लिस्ट में जगह बनाई।
ओली रॉबिन्सन ने पाकिस्तान को शुरुआती झटका देने के बाद दबाव कम नहीं होने दिया. शुरुआती पांच बल्लेबाजों में से चार उनके शिकार बने. रॉबिन्स ने कुल मिलकर 18 ओवरों की गेंदबाजी की, जिसमें उन्होंने 51 रन देकर 5 विकेट चटकाए. यह प्रदर्शन रॉबिन्सन के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि हाल में उन्होंने लंबे अंतराल के बाद टेस्ट टीम में वापसी की थी. जून में न्यूजीलैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट में उन्होंने 7/77 के आंकड़े दर्ज कर इंग्लैंड की जीत में बड़ी भूमिका निभाई थी. अब पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने मैच की पहली ही गेंद से अपना असर दिखाया।
